ओशो के अनमोल विचार
जो कुछ भी महान है, उस पर किसी का
अधिकार नहीं हो सकता. और यह सबसे मूर्ख बातों में से एक है जो मनुष्य करता
है – मनुष्य अधिकार चाहता है.
अंधेरा, प्रकाश की अनुपस्थिति है. अहंकार, जागरूकता की अनुपस्थिति है.
किसी के साथ किसी भी प्रतियोगिता की कोई ज़रूरत नहीं है. तुम जैसे हो अच्छे हो. अपने आप को स्वीकार करो.
अनुशासन क्या है? अनुशासन का मतलब आपके भीतर एक व्यवस्था निर्मित करना है. तुम तो एक अव्यवस्था, एक केऑस हो.
तुम जीवन में तभी अर्थ पा सकते हो जब
तुम इसे निर्मित करते हो. जीवन एक कविता है जिसे लिखा जाना चाहिए. यह गाया
जाने वाला गीत, किया जाने वाला नृत्य है.
कोई विचार नहीं, कोई बात नहीं, कोई विकल्प नहीं – शांत रहो, अपने आप से जुड़ो.
तुम्हें अगर कुछ हानिकारक करना हो तभी ताकत की जरूरत पड़ेगी वरना तो प्रेम पर्याप्त है, करुणा पर्याप्त है.
जब भी कभी तुम्हें डर लगे, तलाशने का
प्रयास करो. और तुमको पीछे छिपी हुई मृत्यु मिलेगी. सभी भय मृत्यु के हैं.
मृत्यु एकमात्र भय-स्रोत है.एक भीड़, एक राष्ट्र, एक धर्म, एक
जाति का नहीं पूरे अस्तित्व का हिस्सा बनो. अपने को छोटी चीज़ों के लिए
क्यों सीमित करना सब संपूर्ण उपलब्ध है?
जितनी ज़्यादा ग़लतियां हो सकें उतनी
ज़्यादा ग़लतियां करो. बस एक बात याद रखना: फिर से वही ग़लती मत करना. और
देखना, तुम प्रगति कर रहे होगे.
तलाशो मत, पूछो मत, ढूंढो मत, खटखटाओ
मत, मांगो मत – शांत हो जाओ. तुम शांत हो जाओगे – वो आ जाएगा. तुम शांत हो
जाओगे – उसे यहीं पाओगे. तुम शांत हो जाओगे तो अपने को उसके साथ झूलते हुए
पाओगे.
इससे पहले कि तुम चीजों की इच्छा करो, थोड़ा सोच लो. हर संभावना है कि इच्छा पूरी हो जाए, और फिर तुम कष्ट भुगतो.
कैद के अलावा कुछ भी दुःख नहीं है.
जो ‘जानता’ है वो जानता है कि बताने की कोई ज़रूरत नहीं. जानना काफ़ी है.
तनाव का अर्थ है कि आप कुछ और होना चाहते हैं जो कि आप नहीं हैं.
प्रेम एक आध्यात्मिक घटना है, वासना भौतिक. अहंकार मनोवैज्ञानिक है, प्रेम आध्यात्मिक.
अपने मन में जाओ, अपने मन का विश्लेषण करो. कहीं न कहीं तुमने खुद को धोखा दिया है.
कोई चुनाव मत करिए. जीवन को ऐसे अपनाइए जैसे वो अपनी समग्रता में है. जीवन ठहराव और गति के बीच का संतुलन है.
उस तरह मत चलिए जिस तरह डर आपको चलाये. उस तरह चलिए जिस तरह प्रेम आपको चलाये. उस तरह चलिए जिस तरह ख़ुशी आपको चलाये.
खुद में जीवन का कोई अर्थ नहीं. जीवन अर्थ बनाने का अवसर है.
-OSHO